जमशेदपुर के ब्रह्मलोकधाम में पहली बार सजेगा दुर्गापूजा का भव्य आयोजन, 17 से 20 अक्टूबर तक गूंजेगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम
भुवनेश्वर और कोलकाता के कलाकार देंगे प्रस्तुति, कथक नृत्य से सजेगी सांस्कृतिक संध्या
जमशेदपुर: शहर के कदमा रामनगर स्थित ब्रह्मलोकधाम में इस वर्ष पहली बार दुर्गापूजा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के संगम के रूप में आयोजित इस दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत हो चुकी है, जिसका समापन 21 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन होगा। दुर्गापूजा के अवसर पर 17 से 20 अक्टूबर तक चार दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं और दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
इस आयोजन को लेकर सोमवार को ब्रह्मलोकधाम परिसर में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें आयोजन से जुड़ी तैयारियों और चार दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार, ब्रह्मलोकधाम में पहली बार आयोजित हो रही दुर्गापूजा को यादगार बनाने के लिए धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की आराधना के साथ भारतीय कला और संस्कृति की विविध झलक देखने को मिलेगी।
17 अक्टूबर से शुरू होगा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला
चार दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 17 अक्टूबर को होगी। पहले दिन ब्रह्मानंदम शिक्षायतन के विद्यार्थी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम का आगाज करेंगे। विद्यार्थियों की प्रस्तुति इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी।
वहीं, 18 अक्टूबर को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से आने वाली अरुपा गायत्री पंडा एंड ट्रूप अपनी कला का प्रदर्शन करेगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को कोलकाता के दिप्तांग्शु गार्गी परफॉर्मिंग ट्रूप के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतिम दिन यानी 20 अक्टूबर को आलोकपर्णा गुहा एंड ट्रूप की ओर से कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। शास्त्रीय नृत्य की यह प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहने की उम्मीद है।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कला-संस्कृति का संगम
ब्रह्मलोकधाम के मोनू भट्टाचार्य ने पत्रकार सम्मेलन में बताया कि सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम ब्रह्मलोकधाम परिसर में आयोजित किए जाएंगे। पहली बार दुर्गापूजा का आयोजन होने के कारण इसे लेकर विशेष उत्साह है। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक अनुष्ठानों के साथ चार दिनों तक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करना भी है। भुवनेश्वर और कोलकाता से आने वाले कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता देखने को मिलेगी।
ब्रह्मलोकधाम में पहली बार आयोजित हो रही दुर्गापूजा को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। 17 से 20 अक्टूबर तक होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ यहां दुर्गोत्सव का उल्लास और भी बढ़ने की उम्मीद है।






