जमशेदपुर: कदमा स्थित आंध्रा एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को आयोजित वार्षिक आमसभा (एजीएम) उस समय विवादों में घिर गई, जब करीब छह करोड़ रुपये के खर्च की ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी देने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सभा स्थल पर धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत आ गई तथा कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन के नवनिर्मित शताब्दी हॉल में एजीएम आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान जैसे ही वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी गई, विपक्षी सदस्य श्रीनिवास राव ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था द्वारा लगभग छह करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इतने बड़े खर्च से पहले आमसभा या कार्यकारिणी से आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई।
विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर जवाब मांगा गया, लेकिन आरोप है कि सत्ता पक्ष स्पष्ट उत्तर नहीं दे सका। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी बहस चली, जो बाद में धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आमसभा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग भी उठाई।
बैठक को सफल बताने का दावा
घटना के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष मेजर के. सत्यनारायण और महासचिव वाई.के. शर्मा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में एजीएम को सफल बताया गया। विज्ञप्ति में दावा किया गया कि सदस्यों के बीच चर्चा के बाद ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई।
गौरतलब है कि आंध्रा एसोसिएशन इन दिनों अपना शताब्दी वर्ष मना रही है। हाल ही में संस्था परिसर में नया पैसेंजर लिफ्ट और रूफटॉप शताब्दी हॉल का निर्माण कराया गया है। बताया जा रहा है कि इन्हीं निर्माण कार्यों पर हुए खर्च को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
वहीं, विपक्षी गुट अब भी आमसभा को निरस्त कर दोबारा बैठक बुलाने की मांग पर अड़ा हुआ है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की ओर से आमसभा स्थगित किए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इससे एसोसिएशन के भीतर विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।






