दो आरोपी गिरफ्तार, अपहरण में प्रयुक्त कार और मोबाइल जब्त; मुख्य आरोपी पर 12 आपराधिक मामले दर्ज
जमशेदपुर: जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय (कोर्ट) परिसर के समीप से हुए युवक के अपहरण मामले का सीतारामडेरा थाना पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर सफल खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अपहरण में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन (जेएच-05डीए-4721) और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को सूचना मिली थी कि छायानगर निवासी सुशील डे (पिता- राजेश डे) का कोर्ट परिसर के समीप से अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना में कांड संख्या 74/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
शनिवार को पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती तथा कृष्णा यादव उर्फ दबंग को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर अपहरण में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर जब्त कर ली गई। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 12 आपराधिक मामले

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ गोलमुरी, सीतारामडेरा, मानगो और ओलिडीह थाना समेत विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, मारपीट, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और अपहरण की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का भी खुलासा किया जाएगा।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में सहायक थाना प्रभारी आनंद मिश्रा, अवर निरीक्षक सूरज प्रसाद, प्रद्युम्न कुमार, अभय कुमार, मनरंजन कुमार, शंकर ठाकुर तथा सीतारामडेरा थाना के सशस्त्र बल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।




