पोटका में ब्रेन मलेरिया बेकाबू, तीसरे दिन 1,193 लोगों की जांच में 133 संक्रमित मिले
पोटका: पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार भयावह होता जा रहा है। लगातार बढ़ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित गांवों में विशेष जांच अभियान जारी है, वहीं ग्रामीणों में बीमारी को लेकर दहशत का माहौल है।
बुधवार को अभियान के तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की 24 मेडिकल टीमों ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर जांच अभियान चलाया। इस दौरान 1,193 लोगों की जांच की गई, जिसमें 133 लोग ब्रेन मलेरिया से संक्रमित पाए गए। एक ही दिन में इतने अधिक मरीज मिलने से स्पष्ट है कि संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
इससे पहले अभियान के पहले दिन 464 लोगों की जांच में 28 मरीज और दूसरे दिन 507 लोगों की जांच में 51 मरीज संक्रमित पाए गए थे। तीसरे दिन मरीजों की संख्या में हुई बड़ी बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है।
नौ मरीज अस्पताल में भर्ती, चार को किया गया रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पोटका में वर्तमान में नौ मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से चार मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल और सदर अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं उपचार के बाद पांच मरीजों की स्थिति में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
108 स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सकों की टीम मोर्चे पर
संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। 108 स्वास्थ्यकर्मियों एवं चिकित्सकों की चार मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। पोटका क्षेत्र में 17 डॉक्टर लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों की जांच, दवाओं का वितरण और मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

इसके अलावा ग्रामीणों को मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा बुखार होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय पर डीडीटी का छिड़काव, लार्वा नियंत्रण अभियान और मच्छरदानियों का वितरण किया गया होता, तो बीमारी इतनी तेजी से नहीं फैलती। उनका कहना है कि लंबे समय से मच्छरों की समस्या बनी हुई थी, लेकिन रोकथाम के प्रभावी उपाय समय पर नहीं किए गए।
प्रशासन की चुनौती बढ़ी
लगातार बढ़ते संक्रमण और गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीमारी को फैलने से रोकने की है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही मच्छरों से बचाव के सभी उपाय अपनाएं, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को जल्द से जल्द रोका जा सके।





