पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर, 24 घंटे में दो छात्रों की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जांच तेज
,पोटका: पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप गंभीर रूप लेता दिख रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर दो स्कूली छात्रों की मौत से क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है। पहला मामला पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पोटका की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार का है, जबकि दूसरा मामला हितवासा पंचायत के दौड़दोड़िया गांव के आठ वर्षीय छात्र राहुल सरदार का है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों में ब्रेन मलेरिया के लक्षण पाए गए थे।
कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा लख्खी सरदार की इलाज के दौरान मौत
जानकारी के अनुसार, सानग्राम पंचायत के सानग्राम गांव निवासी लख्खी सरदार के माता-पिता का वर्षों पूर्व निधन हो चुका था। अनाथ होने के कारण परिजनों ने उसके बेहतर भविष्य और शिक्षा की उम्मीद में पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में उसका नामांकन कराया था।
विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तेज बुखार की शिकायत हुई। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी हालत में सुधार नहीं होने पर उसे एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां बुधवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आठ वर्षीय राहुल सरदार भी नहीं बच सका
दूसरी घटना हितवासा पंचायत के दौड़दोड़िया गांव की है। गांव निवासी आठ वर्षीय राहुल सरदार, जो दूसरी कक्षा का छात्र था, सोमवार को बुखार से पीड़ित हुआ। परिजनों ने प्रारंभ में स्थानीय झोलाछाप चिकित्सक से उसका उपचार कराया, लेकिन तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका लाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बुधवार को राहुल सरदार ने भी दम तोड़ दिया।
मुखिया ने उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
लख्खी सरदार की मौत के बाद सानग्राम पंचायत के मुखिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए विद्यालय की स्वास्थ्य एवं आवासीय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कस्तूरबा विद्यालयों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि छात्राओं को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण नहीं मिल पा रहा है तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर समुचित देखभाल और उपचार मिलता तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजनों और ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मृत छात्रा के परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में बीमारी के कारण बच्ची की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
घटना के बाद सानग्राम सहित आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, कई गांवों में मिल रहे मलेरिया के मरीज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि लख्खी सरदार एवं राहुल सरदार दोनों ब्रेन मलेरिया की चपेट में थे। दोनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया।
उन्होंने बताया कि पोटका के कई गांवों से मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। सभी सहिया एवं स्वास्थ्यकर्मियों को मलेरिया जांच किट उपलब्ध करा दी गई है।
डॉ. महाकुड़ ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 37 छात्राओं की मलेरिया जांच की गई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं सानग्राम गांव में 23 लोगों की जांच के दौरान एक व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वे, जांच और निगरानी की जा रही है।
बढ़ी चिंता, लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार सामने आ रहे मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग ने लोगों से बुखार होने पर तत्काल जांच कराने, मच्छरदानी का उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।उपशीर्षक: स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, कई गांवों में चल रहा मलेरिया जांच अभियान; परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की







