जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने पोटका प्रखंड कार्यालय में बीएलए-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को किया संबोधित, मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने पोटका प्रखंड कार्यालय में बीएलए-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को किया संबोधित, मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के सफल संचालन में बीएलए-2 की भूमिका महत्वपूर्ण… श्री राजीव रंजन, जिला निर्वाचन पदाधिकारी

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR)-2026 के तहत पोटका प्रखंड कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा प्रतिनियुक्त बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने सहभागिता कर बीएलए की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी तथा निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। बीएलए राजनीतिक दलों और निर्वाचन प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर करने, पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ने तथा अपात्र प्रविष्टियों को चिन्हित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में सकारात्मक एवं रचनात्मक सहयोग देने की अपील की, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान बीएलए-2 को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण, नाम जोड़ने, विलोपन, संशोधन तथा निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (EPIC) में सुधार संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वे अपने संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र की मतदाता सूची का सूक्ष्म परीक्षण कर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे तथा मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की पहचान कर निर्धारित प्रारूप में इसकी सूचना संबंधित बीएलओ को उपलब्ध कराएंगे।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि बीएलए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, त्रुटियों के सुधार एवं अन्य आवश्यक संशोधनों हेतु निर्धारित प्रपत्रों (फॉर्म-6, 7 एवं 8) का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर आवेदन प्राप्त कर संबंधित बीएलओ अथवा अधिकृत पदाधिकारी तक पहुंचाएंगे।

बीएलए-2 को आवेदन जमा करने संबंधी निर्धारित दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि प्रत्येक आवेदन के साथ एक लिखित घोषणा संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिसमें आवेदन में उल्लिखित तथ्यों के सत्यापन की पुष्टि करनी होगी। गलत अथवा भ्रामक घोषणा पाए जाने की स्थिति में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई का प्रावधान है।

प्रशिक्षण के दौरान आवेदन प्राप्ति एवं जमा करने की निर्धारित सीमा की भी जानकारी दी गई। सामान्य परिस्थितियों में एक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन ही जमा कर सकता है। वहीं, आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए को सामूहिक (Bulk) रूप से आवेदन जमा करने की अनुमति प्रदान की गई है, जिसके तहत प्रारूप प्रकाशन से पूर्व प्रतिदिन अधिकतम 50 तथा प्रारूप प्रकाशन के उपरांत प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित सीमा से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा पुनः सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि विशेष शिविरों के दौरान बीएलए निर्धारित स्थलों पर बीएलओ एवं अधिकृत पदाधिकारियों की उपस्थिति में उपलब्ध रहेंगे, ताकि दावे एवं आपत्तियों के प्राप्ति कार्य में सहयोग प्रदान किया जा सके तथा मतदाता सूची के अद्यतन एवं शुद्धिकरण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई