जादूगोड़ा: परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में लॉटरी से नामांकन का विरोध तेज, आरक्षण नीति लागू करने की मांग
जादूगोड़ा स्थित यूसिल (यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय की बाल वाटिका-01 में लॉटरी प्रणाली के माध्यम से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही इसका विरोध तेज हो गया है। विरोध की शुरुआत कंपनी की तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से सटे आदिवासी बहुल गांव आहारघुटू से हुई, जहां बुधवार को अभिभावक संघ एवं ग्राम प्रधानों की एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने की। बैठक में उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों ने लॉटरी के आधार पर बच्चों के नामांकन का विरोध करते हुए कहा कि इससे स्थानीय एवं आदिवासी बच्चों को उचित अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि विद्यालय में नामांकन झारखंड सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप किया जाए, ताकि क्षेत्र के वंचित एवं आदिवासी समुदाय के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके।
बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने कहा कि लॉटरी प्रणाली के कारण स्थानीय बच्चों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन को झारखंड सरकार की आरक्षण व्यवस्था के तहत नामांकन प्रक्रिया लागू करनी चाहिए। यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो अभिभावक संघ और ग्रामीणों द्वारा विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया जाएगा।
बैठक में कई ग्राम प्रधान, अभिभावक एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्थानीय बच्चों के हितों की रक्षा के लिए आरक्षण आधारित नामांकन व्यवस्था लागू करने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।







