जमशेदपुर से रांची शिफ्ट हुआ डूरंड कप, झारखंड की राजधानी पहली बार बनेगी देश के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबान
जमशेदपुर : झारखंड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप का 135वां संस्करण इस वर्ष पहली बार झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से डूरंड कप के मुकाबलों की मेजबानी कर रहे जमशेदपुर को इस बार आयोजन सूची से बाहर रखा गया है, जिसके कारण कोल्हान और खासकर जमशेदपुर के फुटबॉल प्रेमियों को टूर्नामेंट का रोमांच देखने के लिए रांची का रुख करना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार, डूरंड कप 2026 का संभावित आगाज 26 जुलाई 2026 से होगा। आयोजन को लेकर राज्य सरकार, सेना और खेल विभाग के अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रतियोगिता के सफल संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, खिलाड़ियों के आवास, यातायात प्रबंधन तथा उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पहली बार रांची को मिली मेजबानी
डूरंड कप भारतीय फुटबॉल का सबसे पुराना टूर्नामेंट माना जाता है और इसकी शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी। ऐसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी पहली बार रांची को मिलना झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल राज्य की खेल पहचान मजबूत होगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड को नई पहचान भी मिलेगी।
भव्य होगा उद्घाटन समारोह
आयोजन समिति द्वारा तैयार की जा रही रूपरेखा के अनुसार उद्घाटन समारोह को बेहद आकर्षक और भव्य बनाने की योजना है। समारोह में भारतीय सेना के बैंड की शानदार प्रस्तुति, सशस्त्र बलों के विशेष प्रदर्शन, सैन्य परंपराओं की झलक तथा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे।
राज्य के विभिन्न जनजातीय और पारंपरिक सांस्कृतिक दल भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेंगे। आयोजकों का मानना है कि उद्घाटन समारोह खेल और संस्कृति का अनूठा संगम साबित होगा।
जमशेदपुर के फुटबॉल प्रेमियों को लगी निराशा

डूरंड कप के मुकाबले पिछले दो वर्षों से जमशेदपुर में आयोजित किए जा रहे थे। शहर के फुटबॉल प्रेमियों ने बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर मैचों का आनंद लिया था। खासकर इंडियन सुपर लीग क्लब Jamshedpur FC के मुकाबलों के दौरान दर्शकों का उत्साह देखने लायक रहता था।
लेकिन इस बार सभी मैच रांची में आयोजित किए जाने की संभावना के चलते जमशेदपुर के खेल प्रेमियों में कुछ निराशा भी देखी जा रही है। हालांकि खेल विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में आयोजन होने से पूरे राज्य को इसका लाभ मिलेगा और भविष्य में अन्य शहरों को भी बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी का अवसर मिल सकता है।
खेल संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का कहना है कि डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन झारखंड में फुटबॉल संस्कृति को और अधिक मजबूत करेगा। इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय फुटबॉल देखने और उससे सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य में खेल अवसंरचना के विकास को भी गति मिलेगी।
रांची में सफल आयोजन भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों तथा अन्य बड़े खेल आयोजनों के लिए भी रास्ता खोल सकता है। इससे खेल पर्यटन, स्थानीय रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है।
तैयारियों पर प्रशासन की नजर
राज्य सरकार और आयोजन से जुड़े अधिकारी टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं। सुरक्षा, दर्शकों की सुविधा, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और स्टेडियम की तैयारियों को लेकर विशेष योजना बनाई जा रही है ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
डूरंड कप के 135वें संस्करण की मेजबानी मिलने से झारखंड खेल जगत में एक नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब सबकी नजरें आधिकारिक कार्यक्रम और मैच शेड्यूल की घोषणा पर टिकी हैं, जिसका फुटबॉल प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार है।






