जादूगोड़ा के उत्क्रमित उच्च विद्यालय +2 में शिक्षकों की भारी कमी, 700 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
जादूगोड़ा: पोटका प्रखंड के जादूगोड़ा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय +2 में शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय को +2 का दर्जा मिले चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए एक भी नियमित शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में क्षेत्र के अभिभावक और ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
विद्यालय की प्राचार्या रीना कुमारी ने बताया कि वर्ष 2023 में जादूगोड़ा मोड़ चौक स्थित विद्यालय को शिक्षा विभाग द्वारा अपग्रेड कर +2 का दर्जा दिया गया था। हालांकि, उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। वर्तमान में मध्य विद्यालय के शिक्षक ही 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में 11वीं कक्षा में 268 तथा 12वीं कक्षा में 138 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। वहीं पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक कुल लगभग 700 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई महज नौ शिक्षकों के भरोसे चल रही है। ऐसी स्थिति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
प्राचार्या ने कहा कि शिक्षा विभाग को इस दिशा में गंभीर पहल करते हुए जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
इधर, क्षेत्र के अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए शिक्षकों की तत्काल प्रतिनियुक्ति करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है तथा वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इस विद्यालय को कब पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों को फिलहाल इसी इंतजार में रहना पड़ रहा है।




