मन का प्रदूषण एवं पर्यावरण प्रदूषण दोनों को दूर करना होगा तभी पृथ्वी का कल्याण संभव है
पृथ्वी की गर्मी को कम करने के लिए आनंद मार्ग की ओर से बांटे गए 100 पौधे
जमशेदपुर:
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स (PCAP)जमशेदपुर की ओर निशुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन गदरा आनंद मार्ग जागृति शिव मंदिर के पास निशुल्क वितरित किए गए । यह आयोजन 30 मई से 5 जून तक अलग-अलग स्थान पर आयोजित किया जा रहा है।कल 3 जून को सदर अस्पताल कैंपस मैं निशुल्क पौधा वितरण होगा ।हरियाली के महत्व के विषय में बताते हुए सुनील आनंद ने कहा कि
मन को वृहद करने से ही पर्यावरण का कल्याण संभव है कारण जब तक हम पेड़ ,पौधे ,जीव जंतु को अपने परिवार का सदस्य के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे तब तक सृष्टि को बचा पाना बहुत ही मुश्किल है। मन दूषित होता तो पर्यावरण को भी मनुष्य दूषित करेगा क्योंकि जो कुछ भी होता है वह मनुष्य के द्वारा ही नष्ट किया जा रहा है कोई भी क्रिया पहले मन पर होती है इसलिए मन को भी बृहद करना होगा।
सन 1980 के बाद से धरती की सतह का औसत तापमान तकरीबन 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है नासा का कहना है कि यह गर्मी कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन ग्रीन हाउस गैसों और पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के कारण उत्पन्न हुई है जंगलों की अंधाधुंध कटाई ने इस समस्या को गंभीर कर दिया है जो कार्बन डाइऑक्साइड पेड़-पौधे शोख लेते थे वह अब वातावरण में घुल रही है दूसरी ओर ब्रिटिश मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगले 5 साल पिछले 10 वर्षों के मुकाबले अधिक सर्वाधिक गर्म रहने वाले हैं तापमान बढ़ने का सीधा असर खेती किसानी पर पड़ेगा और पैदावार कम हो जाएगी कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि 1 डिग्री तापमान बढ़ने से पैदावार में 3 से 7 फ़ीसदी की कमी आ जाती है भारत में पर्यावरण को लेकर एक बड़ा खतरा पॉलिथीन और प्लास्टिक से भी है आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल जमशेदपुर की ओर से इस समस्या से उबरने के लिए एक छोटा सा प्रयास संस्था की ओर से की जा रही है प्रत्येक महीने कम से कम 2,000 पौधे लोगों के बीच वितरित किए जाते हैं ।





