कैशलेस अप्रूवल देकर मुकर गई CARE हेल्थ इन्शुरन्स! इलाज रुकने से मरीज की मौत, शव के साथ उग्र प्रदर्शन; फोन पर सवाल पूछते ही थाना प्रभारी ने काटा कॉल

कैशलेस अप्रूवल देकर मुकर गई CARE हेल्थ इन्शुरन्स! इलाज रुकने से मरीज की मौत, शव के साथ उग्र प्रदर्शन; फोन पर सवाल पूछते ही थाना प्रभारी ने काटा कॉल

जमशेदपुर में Care Health Insurance के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि कंपनी ने इलाज के दौरान कई बार कैशलेस अप्रूवल देने के बावजूद अंतिम समय में भुगतान से हाथ खड़े कर दिए, जिसके कारण मरीज का इलाज रुक गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद JLKM कोल्हान इकाई के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कार्यालय के बाहर शव रखकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार निमाई चंद्र महतो ने CARE हेल्थ इन्शुरन्स की पॉलिसी ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जमशेदपुर स्थित Meditrina Hospital में भर्ती कराया गया। परिजनों ने इसकी सूचना बीमा कंपनी को दी, जिसके बाद कंपनी की ओर से जांच कर इलाज के लिए कैशलेस अप्रूवल दिया गया। इलाज के दौरान कंपनी ने चार बार अतिरिक्त कैशलेस अप्रूवल भी जारी किया, जिसके आधार पर इलाज चलता रहा।

परिजनों का आरोप है कि जब अस्पताल का बिल करीब 8 लाख रुपये तक पहुंच गया, तब कंपनी ने अचानक टर्म्स एंड कंडीशन का हवाला देते हुए भुगतान से इंकार कर दिया। आरोप है कि भुगतान रुकते ही अस्पताल में इलाज प्रभावित हुआ और उचित इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो गई।

इधर CARE हेल्थ इन्शुरन्स कंपनी का कहना है कि मरीज ने पॉलिसी Policybazaar के माध्यम से खरीदी थी, इसलिए संबंधित मामले में वहीं संपर्क किया जाए। कंपनी के इस जवाब के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी फैल गई।

मामला JLKM तक पहुंचने के बाद पार्टी के कोल्हान इकाई के कार्यकर्ता मृतक का शव लेकर कंपनी कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार को मुआवजा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं सबसे बड़ा सवाल पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी खड़ा हो रहा है। प्रदर्शन स्थल पर अब तक बिष्टुपुर थाना प्रभारी के नहीं पहुंचने से लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। मामले में जब थाना प्रभारी आलोक दूबे से फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए फोन काट दिया और सीधे तौर पर “नहीं पहचानने” की बात कहकर जवाब देने से बचते नजर आए। इस रवैये को लेकर भी लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई