AIADMK ने जनता का फैसला स्वीकार किया, TVK को दिया समर्थन: सी.वी. शनमुगम

न्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस समय बड़ा हलचल है. हालांकि राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के लिए ये अच्छी खबर है. टीवीके प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण के बाद फ्लोर टेस्ट से पहले उन्हें बड़ी सफलता हाथ लगी है.

एआईएडीएमके के सीनियर लीडर सी.वी. शनमुगम ने ऐलान किया है कि पार्टी 2026 के तमिलनाडु असेंबली इलेक्शन में लोगों के मैंडेट को मानते हुए तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) को सपोर्ट करेगी. 2026 के असेंबली इलेक्शन में एआईएडीएमके तीसरे नंबर पर आ गई थी. 234 में से 169 सीटों पर चुनाव लड़कर पार्टी सिर्फ 47 सीटें ही जीत पाई.

पूर्व मंत्री डी. जयकुमार समेत कई सीनियर नेताओं की चुनाव में जमानत तक जब्त हो गई थी. पार्टी को 2021 के असेंबली इलेक्शन और 2024 के लोकसभा इलेक्शन में भी हार का सामना करना पड़ा था, जहां वह एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. इन झटकों के बाद एआईएडीएमके के सीनियर नेताओं ने कथित तौर पर लगातार हार के लिए पार्टी जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी को ज़िम्मेदार ठहराया.

ऐसी भी खबरें थीं कि पार्टी अंदर ही अंदर बंट गई है. इस पृष्ठभूमि में आयोजन सचिव सी.वी. शनमुगम के नेतृत्व में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं ने आज (12 मई) चेन्नई के एमआरसी नगर में मीडिया से मुलाकात की. रिपोर्टरों को संबोधित करते हुए सी.वी. शनमुगम ने कहा, ‘ एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.

हम इस फैसले को पूरी तरह से मानते हैं. चुनाव में हार के बाद एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कुछ प्रस्ताव रखे, जिससे हम चौंक गए. उन्होंने कहा कि डीएमके उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर समर्थन देने को तैयार है. यह हमारे लिए बहुत बड़ा सरप्राइज था.

हमने इस कदम का विरोध किया. हालांकि, उन्होंने हमारी बात मानने से इनकार कर दिया. एआईएडीएमके की स्थापना डीएमके के विरोध में हुई थी, और हमने पिछले 53 सालों से उसी विचारधारा को बनाए रखा है. अगर एआईएडीएमके, डीएमके के साथ मिल जाती है, तो पार्टी खुद ही खत्म हो जाएगी. अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां एआईएडीएमके को बचाना और फिर से खड़ा करना होगा.

 

 

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