जमशेदपुर में ब्राउन शुगर के बड़े नेटवर्क का खुलासा, पांच गिरफ्तार, 175 पुड़िया बरामद
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्राउन शुगर के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। बर्मामाइंस थाना कांड संख्या-20/26 के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 175 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की है। जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 26.84 ग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 9 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के गांधी नगर बस्ती में संतोष सिंह नामक व्यक्ति अपने घर से ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (मु-01) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।
छापेमारी के दौरान संतोष सिंह के घर से 124 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई। मौके से संतोष सिंह और उसकी दूसरी पत्नी आयशा खातून उर्फ बिल्लो को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस ने सप्लाई चैन को खंगालते हुए गोविंदपुर क्षेत्र से गौरव कुमार उर्फ अमर और अमित कुमार को गिरफ्तार किया, जिनके पास से क्रमशः 20 और 19 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद हुई।
इसके अलावा मानगो क्षेत्र के मुख्य पेडलर संजय गोस्वामी उर्फ संजय बंगाली को भी 12 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अंतरजिला स्तर पर सक्रिय था और लंबे समय से शहर के विभिन्न इलाकों में नशे का कारोबार चला रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई पहले भी मादक पदार्थों और अन्य आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी संतोष सिंह पर बर्मामाइंस थाना में पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं गौरव कुमार और संजय गोस्वामी पर भी एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी सप्ताह सरायकेला जिले में भी करीब 16.50 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर बरामद की गई थी और प्रारंभिक जांच में इस मामले के तार उसी सिंडिकेट से जुड़े होने की बात सामने आई है।
इस कार्रवाई को जमशेदपुर पुलिस की नशा विरोधी मुहिम में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।







