पतंजलि केंद्र की आड़ में देह व्यापार का आरोप, डिमना स्थित लेक व्यू होटल एंड रिसोर्ट में ग्रामीणों का हंगामा

पतंजलि केंद्र की आड़ में देह व्यापार का आरोप, डिमना स्थित लेक व्यू होटल एंड रिसोर्ट में ग्रामीणों का हंगामा
जमशेदपुर के डिमना क्षेत्र स्थित चर्चित रिसोर्ट, जिसका नाम हाल ही में बदलकर लेक व्यू होटल एंड रिसोर्ट रखा गया है, एक बार फिर विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने रिसोर्ट पर पतंजलि केंद्र की आड़ में अनैतिक गतिविधियां और देह व्यापार संचालित होने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को इस आरोप को लेकर इलाके में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब दर्जनों ग्रामीण एकजुट होकर अस्त्र-शस्त्र के साथ रिसोर्ट परिसर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रिसोर्ट में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, जिसकी सूचना उन्हें लगातार मिल रही थी। इसी आधार पर ग्रामीण अचानक रिसोर्ट पहुंचे और वहां मौजूद तीन युवक एवं तीन युवतियों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई योग केंद्र या आध्यात्मिक केंद्र नहीं, बल्कि देह व्यापार का अड्डा बन चुका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में जिस तरह ओयो होटल का इस्तेमाल गलत गतिविधियों के लिए किया जाता है, उसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में यह होटल भी उसी प्रकार का काम कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि रिसोर्ट का संचालन पतंजलि केंद्र के नाम पर किया जा रहा है, लेकिन अंदर की गतिविधियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
ग्रामीणों के अचानक पहुंचने से रिसोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई।
यह पहला मौका नहीं है जब इस रिसोर्ट का नाम विवादों में आया है। इससे पहले भी कई बार यहां देह व्यापार और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हालांकि हर बार मामला दबा दिया गया या ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
वहीं रिसोर्ट संचालकों ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यहां पतंजलि योग केंद्र संचालित होता है, जहां योग और स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है। संचालकों का कहना है कि रिसोर्ट में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश बिना पहचान पत्र, विशेषकर आधार कार्ड, के नहीं होता और सभी आगंतुकों का रिकॉर्ड रखा जाता है।
लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पहचान पत्र लेकर लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है और बंद कमरों में गलत गतिविधियां हो रही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? ग्रामीणों ने प्रशासन से रिसोर्ट की गहन जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इसे तत्काल बंद कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पकड़े गए युवक-युवतियों से पूछताछ की जा रही है। इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।

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