नालंदा: NEET UG 2026 परीक्षा में फर्जी सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के मामले में नालंदा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों ने नीट परीक्षा पास करने के लिए गिरोह के मुख्य सरगनाओं के साथ 50 से 60 लाख रुपए में डील पक्की की थी. एडवांस के तौर पर डेढ़ से दो लाख रुपए भी दे चुके थे.
अब तक 7 की गिरफ्तारी: पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही और मोबाइल साक्ष्यों के आधार पर इन्हें विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों से दबोचा है. इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है.
लाखों में हुई थी डील: पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. बताया कि नीट परीक्षा पास कराने के लिए गैंग के मुख्य सरगना उज्जवल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह के साथ उनकी 50 से 60 लाख रुपए में डील तय हुई थी. परीक्षा से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस दिए थे. मुख्य सरगना अवधेश कुमार की गिरफ्तारी के कारण वे परीक्षा में अपनी जगह सॉल्वर को नहीं बैठा सके.
एमबीबीएस का छात्र भी शामिल: अवधेश कुमार विम्स कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है. इसे तीन मई को नीट परीक्षा को लेकर चलाये जा रहे रोको-टोको अभियान में पकड़ा गया था. तलाशी के दौरान सकॉर्पियो में रखे 2 लाख 95 हजार रुपये बरामद हुए थे. इसके अलावे तीन मोबाइल फोन और दो लग्जरी गाड़ी, जिसमें स्कॉर्पियो और ब्रेजा बरामद हुई थी. मोबाइल जांच से खुलासा हुआ कि ये लोग अभ्यर्थी से लाखों रुपये में डील किए थे. मोबाइल में अभ्यर्ती के एडमिट कार्ड और चैट मिले.







