जनजातीय कला और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली संस्था ‘अबीरा’ (Abiraa) द्वारा आयोजित

जनजातीय कला और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली संस्था ‘अबीरा’ (Abiraa) द्वारा आयोजित ” एक दिवासीय ट्राइबल आर्ट क्लासेस” कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन, टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा के 20 विद्यार्थियों हुए सम्मिलित-

जमशेदपुर, 06 मई 2026 – आज जमशेदपुर के टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष और गौरवशाली दिन रहा। जनजातीय कला और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली संस्था ‘अबीरा’ (Abiraa) द्वारा आयोजित ” एक दिवासीय ट्राइबल आर्ट क्लासेस” कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिसमें जमशेदपुर शहर के टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय कदमा के पारंपरिक कला क्षेत्र में रुचि रखने वाले लगभग 20 से अधिक संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला मे विद्यार्थियों को टीम अबीरा ने जनजातीय कला (जैसे सोहराई, पइतकर आदि) की विरासत से अवगत करते हुए कला के रूपों की बारीकियों को सीखाया।

विशेष अतिथि के तौर पर कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2022 से सम्मानित स्कूल की शिप्रा मिश्रा मैम विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने छात्रों के उत्साहवर्धन के लिए उनकी सराहना किया।

इस अवसर पर टीम अबीरा की संस्थापक श्वेता सिंह ने कहा, “इन बच्चों में छिपी प्रतिभा को देखना हमारे लिए गर्व का क्षण है। जनजातीय कला केवल चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी पहचान है, और इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना ही अबीरा और मेरा लक्ष्य है।” यह कार्यशाला की प्रेरणा हमें शहर के नए डीसी साहब राजीव रंजन द्वारा दिया गया था जब वो अबीरा पधारें थे।
इस सफल कार्यक्रम के बाद जमशेदपुर शहर तथा जमशेदपुर शहर के इस पास के ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में टीम अबीरा भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यशाला आयोजित कर बच्चों का सर्वांगीण कलात्मक विकास करेगा। जिसमें हमें शहर से सहयोग की अपेक्षा है।

अगामी दिनों में गीता थिएटर और आरंभ एनजीओ का वन संरक्षक विभाग के साथ समर कैंप आयोजित होना है उसमें भी अबीरा की टीम समर कैंप में जुड़े बच्चों को नि:शुक्ल ट्राइबल आर्ट से संबंधित प्रशिक्षण देगी।

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