जमशेदपुर: गुदरी बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कार्रवाई टली, 15 दिन की मोहलत

जमशेदपुर: गुदरी बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कार्रवाई टली, 15 दिन की मोहलत
जमशेदपुर के टाटानगर क्षेत्र स्थित गुदरी बाजार में बुधवार को रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस समय स्थिति अचानक बदल गई, जब एक दुकान को तोड़ने की कार्रवाई अंतिम क्षण में रोकनी पड़ी। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम, जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट सुदीप्तो राय और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी।
यह कार्रवाई गुदरी बाजार स्थित “श्री लक्ष्मी भंडार” नामक दुकान पर की जानी थी, जिसका संचालन स्थानीय व्यवसायी मुरारी लाल अग्रवाल (मुरारी सेठ) द्वारा किया जाता है। जैसे ही अधिकारियों ने दुकान को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू की, उसी दौरान दुकानदार ने इसका कड़ा विरोध जताया और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी।

दुकानदार मुरारी लाल अग्रवाल ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है और मामला अदालत में स्वीकार (एडमिट) भी हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें अदालत से स्टे ऑर्डर लाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में वे स्टे ऑर्डर प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो रेलवे प्रशासन अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए दुकान को ध्वस्त कर सकता है।
दुकानदार के इस दावे और न्यायालय में लंबित मामले को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर ही विचार-विमर्श किया और फिलहाल के लिए कार्रवाई को स्थगित करने का निर्णय लिया। इस दौरान मजिस्ट्रेट सुदीप्तो राय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दुकान संचालक को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में एक शपथ पत्र (हलफनामा) दायर करना होगा।

मजिस्ट्रेट ने कहा कि उक्त हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि यदि 15 दिनों के भीतर हाई कोर्ट से कोई स्टे ऑर्डर प्राप्त नहीं होता है, तो रेलवे विभाग को बिना किसी बाधा के दुकान हटाने की कार्रवाई करने की अनुमति होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की कार्रवाई इसी हलफनामे और कोर्ट के आदेश के आधार पर तय की जाएगी।
इस पूरी घटना के बाद गुदरी बाजार क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय दुकानदारों और लोगों के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि क्या अन्य अतिक्रमणकारियों को भी इसी तरह राहत मिलेगी या प्रशासन सख्ती से अभियान जारी रखेगा।
बताया जा रहा है कि रेलवे द्वारा चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी जारी रहेगा और रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भी स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कानून के दायरे में रहते हुए ही सभी निर्णय लिए जाएंगे।
फिलहाल, गुदरी बाजार की इस घटना ने अतिक्रमण अभियान को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक ओर कानून का पालन सुनिश्चित करने की बात है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत पाने का अवसर भी दिया जा रहा है।

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