बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला जीवित बम, सेना ने सुरक्षित तरीके से किया डिफ्यूज
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपाड़ा-नागुइसाई गांव के समीप स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले एक जीवित बम को भारतीय सेना की विशेष टीम ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था, जिसे सेना की तत्परता और सूझबूझ ने समय रहते नियंत्रित कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नदी किनारे ग्रामीणों ने संदिग्ध वस्तु देखी, जिसके बाद इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वस्तु एक पुराना लेकिन सक्रिय बम है, जिसके बाद तत्काल भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को मौके पर बुलाया गया।
सेना की टीम ने कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में और लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के दिशा-निर्देश में पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। बम की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। विस्फोट स्थल से करीब 1 किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह घेराबंदी कर दी गई और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके साथ ही बंगाल-झारखंड सीमा क्षेत्र को भी अस्थायी रूप से सील कर दिया गया, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
ऑपरेशन के दौरान सेना की टीम ने अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए बम को निष्क्रिय किया। इस प्रक्रिया में आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया। कई घंटे तक चले इस अभियान के बाद आखिरकार बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही और पूरे अभियान में सेना का सहयोग करती रही। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी इस तरह की कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना दें और उससे दूर रहें।
गौरतलब है कि स्वर्णरेखा नदी के इस इलाके में पहले भी द्वितीय विश्व युद्ध के समय के बम मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
इस सफल ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और सेना के जवानों के साहस व कुशलता की सराहना की। सेना की तत्परता और पेशेवर दक्षता के कारण एक बड़ा खतरा टल गया, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी हुई है।







