जमशेदपुर पटमदा में सड़क हादसे के बाद बवाल, दो युवकों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

जमशेदपुर पटमदा में सड़क हादसे के बाद बवाल, दो युवकों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

जमशेदपुर:जमशेदपुर के पटमदा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बामनी गांव के समीप हुए इस हादसे में दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर टाटा–पटमदा मुख्य सड़क को जाम कर दिया। इस घटना के कारण कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान पुरुलिया जिला के बलरामपुर थाना क्षेत्र निवासी सुमित सिंह सरदार और पूर्वी सिंहभूम जिला के पटमदा निवासी सुखदेव सरदार के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक मंगलवार को एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बामनी गांव के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को दोनों की मौत हो गई। युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को टाटा–पटमदा मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पटमदा थाना प्रभारी, अंचल अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान परिजनों ने मृतकों के लिए उचित मुआवजे और दोषी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वार्ता के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि 18 अप्रैल को ट्रैक्टर मालिक के साथ बैठक कर दोनों परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिससे आवागमन फिर से सामान्य हो सका।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इस हादसे के बाद लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू करने और नियमित निगरानी की मांग की है।
यह घटना न सिर्फ दो परिवारों के लिए गहरा आघात है, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक चेतावनी भी है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किस तरह बड़े हादसे में बदल सकती है।

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