जमशेदपुर के सुंदरनगर में चिप्स-कुरकुरे के गोदाम में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख
जमशेदपुर:जमशेदपुर के सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत माईका मोड़ स्थित कृष्णा ढाबा के समीप रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब चिप्स और कुरकुरे के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोदाम के बाहर कचरा जलाया जा रहा था। इसी दौरान तेज हवा के झोंके के साथ एक चिंगारी उड़कर गोदाम के अंदर रखे चिप्स और कुरकुरे के पैकेटों पर जा गिरी। पैकेटों में प्लास्टिक और ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय गोदाम में मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल वहां खड़ी एक इलेक्ट्रिक बाइक को बाहर निकाल लिया। अगर बाइक समय रहते नहीं हटाई जाती, तो उसकी बैटरी फटने से बड़ा विस्फोट हो सकता था, जिससे नुकसान और भी बढ़ सकता था।
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए एक के बाद एक कुल पांच दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इनमें यूसीआईएल की दो, सीआरपीएफ की एक और झारखंड अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां शामिल थीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कर्मचारियों द्वारा बाल्टियों से पानी डालकर बुझाने की कोशिश नाकाफी साबित हुई। कुछ ही देर में लपटें आसमान छूने लगीं और आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
गोदाम का संचालन करने वाली फर्म ‘सौरभ एंटरप्राइजेज’ के कर्मचारी वीराज ने बताया कि गोदाम पूरी तरह माल से भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही करीब 7 लाख रुपये का नया स्टॉक कंटेनर से आया था, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसके अलावा पहले से मौजूद लेज और कुरकुरे के पैकेट भी बड़ी मात्रा में नष्ट हो गए। हालांकि कुल नुकसान का आकलन अभी तक नहीं हो सका है, लेकिन इसे काफी बड़ा बताया जा रहा है।
गोदाम के मालिक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति से फोन पर आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। उन्होंने कहा कि चिप्स जैसे ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कर्मचारियों के प्रयासों के बावजूद उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाहर कचरे में आग किसने लगाई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी। साथ ही सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गोदामों की नियमित जांच हो और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।







