महुआ की फसल पर बेमौसम बारिश की मार! किसानों की चिंता बढ़ी

लातेहारः जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले महुआ का उत्पादन इस वर्ष मौसम की खराबी के कारण प्रभावित हुआ है. महुआ का उत्पादन कम होने के कारण ग्रामीण से लेकर व्यवसायी तक चिंतित हैं. महुआ का सीजन आने पर लातेहार जिले में 50 करोड़ रुपए से भी अधिक के इसका व्यवसाय होता था. लेकिन इस बार स्थिति काफी ख

दरअसल, लातेहार जैसे पिछड़े जिलों के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए महुआ का सीजन आमदनी का बेहतर स्रोत माना जाता है. बिना पूंजी लगाए ग्रामीण महुआ से काफी अच्छी आमदनी कर लेते हैं. लेकिन इस बार महुआ के सीजन में मौसम की खराबी के कारण महुआ का उत्पादन प्रभावित हो गया. स्थिति ऐसी हो गई है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 30 से 35% ही महुआ के फल आए हैं. मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण महुआ के फल की क्वालिटी भी थोड़ी निम्न है.

ग्रामीणों ने बताया कि महुआ का सीजन मुख्य रूप से मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक रहता है. अप्रैल में गर्मी बढ़ने के बाद पहले सप्ताह में ही भारी उत्पादन होता है. लेकिन इस बार मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अप्रैल के पहले सप्ताह तक बारिश हो जाने के कारण मौसम गर्म नहीं हुआ. इसका असर महुआ उत्पादन पर पड़ा है और अब धीरे-धीरे महुआ का सीजन भी समाप्त होने वाला है. यदि मौसम ने साथ नहीं दिया तो महुआ का उत्पादन 30 से 35 % भी नहीं हो पाएगा.

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सबसे ज्यादा पड़ गई

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एसएसपी राकेश रंजन ने जारी किए सख्त आदेश, एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की जांच करने और उनका डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया।