विदेशी मीडिया के मुताबिक मोजतबा खामेनेई की हालत ठीक नहीं है. वे जिंदा हैं, लेकिन कोमा में हैं.

लदन: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई बेहोश हैं और हालत काफी गंभीर बनी हुई है. यह भी पता चला है कि ईरान के कोम शहर में उनका इलाज चल रहा है. द टाइम्स UK ने मंगलवार को इस खबर की पुष्टि की है.

द टाइम्स UK के अनुसार, खामेनेई बेहोश हैं और उनका ‘गंभीर’ हालत में इलाज चल रहा है. टाइम्स ने कहा कि उसने डिप्लोमैटिक मेमो देखा है, जिसमें पहली बार सुप्रीम लीडर की लोकेशन का पता चला है. टाइम्स ने यह भी बताया कि मोजतबा खामेनेई का कोम में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है, इसलिए वे सरकार के किसी भी फैसले में शामिल नहीं हो सकते. इससे पहले भी यह खबरें आई थीं कि अमेरिका-इजराइल एयर स्ट्राइक के दौरान वे घायल हो गए थे. इसमें उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी. यह मेमो खाड़ी देशों के साथ भी शेयर किया गया है.

बता दें, कोम शहर ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 140 किमी. दूर दक्षिण में है. पहले यह बताया गया था कि घायल हुए मोजतबा खामेनेई को रूस ले जाया गया है. हालांकि रूस के राजदूत ने इन खबरों का खंडन किया और कहा कि वे ईरान में ही हैं. जब से वेस्ट एशिया में लड़ाई शुरू हुई है, मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं. ईरानी सरकारी मीडिया ने उनके नाम से मैसेज चलाए हैं. इस बीच, द टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बुजुर्ग खामेनेई के शरीर को कोम में दफनाने के लिए तैयार किया जा रहा है.

यह रिपोर्ट अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को मंगलवार रात 8:00 बजे से पहले डील करने का अल्टीमेटम देने के कुछ ही समय बाद आई है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि उसके बाद ‘कोई पुल नहीं, कोई पावर प्लांट नहीं’ होगा. व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह एक ‘क्रिटिकल समय’ है और वॉशिंगटन ने तेहरान को इस युद्ध को खत्म करने के लिए डील करने के लिए जरूरी समय दिया है. ट्रंप ने कहा कि यह एक जरूरी समय है. उन्होंने सात दिन का एक्सटेंशन मांगा. मैंने उन्हें 10 दिन दिए. उनके पास कल तक का समय है. अब देखते हैं क्या होता है. इससे बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं. हम उन्हें कल बुधवार, 8 बजे तक का समय दे रहे हैं. उसके बाद, उनके पास कोई पुल नहीं होगा. उनके पास कोई पावर प्लांट नहीं होगा.

राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि 28 फरवरी को जब लड़ाई शुरू हुई थी, तब वे ‘बहुत ज्यादा ताकतवर ईरान’ से डील कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने उसे ‘खत्म’ कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि ये कदम 47 साल पहले उठा लेने चाहिए थे.

 

 

 

 

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