रांची: झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी निजी अस्पताल संचालकों को 10 अप्रैल तक अपने यहां एचएमआईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम) लागू करने के निर्देश दिए हैं. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के झारखंड एमडी सह अपर सचिव (स्वास्थ्य) विद्यानंद शर्मा पंकज ने समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिया. इसके साथ-साथ उन्होंने 09 अप्रैल तक सभी फार्मेसी का भी हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री पूरा करने की भी हिदायत दी.
स्थ्य विभाग के अपर सचिव बुधवार को स्वास्थ्य मुख्यालय, नामकुम में एबीडीएम की समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए. इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी 24 जिलों से जिला डाटा मैनेजर, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, जिला नोडल पदाधिकारी और मेडिकल कॉलेजों के नोडल अधिकारी के अलावा सी-डैक और बीएसएनएल के प्रतिनिधि शामिल थे. बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष में एबीडीएम के कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए कई अहम निर्देश भी दिए गए.
इस बैठक में सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन निजी अस्पतालों को मॉडल फैसिलिटी बनाया गया है, वे 09 अप्रैल तक एबीडीएम आधारित एचएमआईएस को अनिवार्य रूप से लागू करें. साथ ही इन अस्पतालों के डॉक्टरों और नर्सों का 100 प्रतिशत हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा.
समीक्षा बैठक के दौरान विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को हर हाल में एबीडीएम आधारित एचएमआईएस का ही उपयोग करना है. सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल सिस्टम के जरिए मरीजों को तेज, पारदर्शी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके. सी-डैक के माध्यम से सभी जिला अस्पतालों में ओपीडी, ई-प्रिस्क्रिप्शन, आईपीडी, डिस्चार्ज समरी, लैब रिपोर्ट और हेल्थ रिकॉर्ड लिंक जैसी सेवाओं को 10 अप्रैल 2026 तक लाइव करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के झारखंड एमडी सह अपर सचिव ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को राज्यस्तरीय वर्कशॉप रांची में आयोजित की जाएगी. इसमें भारत सरकार और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे. इस मौके पर जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एबीडीएम कर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा.
उन्होंने एचएमआईएस के सफल संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करने का भरोसा दिया. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के झारखंड एमडी सह अपर सचिव समीक्षा बैठक में पहुंचे बीएसएनएल के प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि 10 अप्रैल से पहले सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वाई-फाई सुविधा सुचारू रूप से चालू कर दी जाए.





