भगवान कृष्ण के कर्म योग के भाव में आनंद मार्ग के संतोष चौबे ने किया रक्तदान
आनंद मार्ग के रक्तदाता संतोष चौबे 27 वा रक्तदान के लिए ब्लड सेंटर से सम्मानित किए गए
जमशेदपुर:आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल के रक्तदाता संतोष चौबे ने 27 वा रक्तदान जमशेदपुर ब्लड सेंटर में किया । जमशेदपुर ब्लड सेंटर के द्वारा मोमेंट एवं पौधा देकर संतोष चौबे को सम्मानित किया गया। भगवान कृष्ण के बताए हुए कर्म योग के भाव से रक्तदान करने वाले कर्म योग को सार्थक बनाते हैं कारण कर्म योग का मतलब ही होता है उस कर्म के बदले किसी तरह की कोई फल का आशा नहीं रखना । रक्तदान का यह निष्काम कर्म बिना किसी फल की आशा के परम पुरुष के छोटे-छोटे बच्चों की जान बचाने के लिए किया गया निष्काम कर्म है।
सुनील आनंद का कहना है कि जितने भी रक्तदाता निस्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं वह सभी लोग ईश्वर कोटि के मनुष्य है कारण इस रक्तदान करने में रक्तदाता का किसी प्रकार का कोई भी स्वार्थ नहीं रहता परम पुरुष के बच्चे अपने संस्कारगत कारण से कष्ट भोग कर रहे हैं उन बच्चों के स्वास्थ्य लाभ के लिए जो रक्तदान करते हैं इसलिए इस तरह के मनुष्य को ईश्वर कोटि के मनुष्य कहा गया है और इसे भगवान कृष्ण का बताया हुआ कर्म योग भी कहा जाता है इस निष्काम कर्म के माध्यम से भी मनुष्य परम पुरुष का अनुभव करने में सफल हो सकता है।





