रांची। बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों के बीच रांची में एक बड़ी पहल की घोषणा की गई है। जो साइबरपीस और नेशनल यूनिवर्सिटी आफ स्टडी एंड रिसर्च इन ला के संयुक्त प्रयास से कैंपस में साइबर वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा।
यह केंद्र साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को कानूनी, तकनीकी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगा।
इस अवसर पर संस्थान के कुलपति प्रो. (डा.) अशोक आर पाटिल और साइबरपीस की नीति एवं वकालत विश्लेषक आयंद्रि मयंक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह पहल रांची को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। साइबर वेलनेस सेंटर को एक एकीकृत सहायता प्रणाली के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां पीड़ितों को एक ही स्थान पर हर प्रकार की मदद मिलेगी। केंद्र का उद्देश्य साइबर अपराध के बढ़ते जटिल स्वरूप से निपटना और पीड़ितों को न्याय व पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया में सहयोग देना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में साइबर हमलों का प्रमुख लक्ष्य बन चुका है, जहां हर सप्ताह हजारों हमले दर्ज किए जा रहे हैं।
ऐसे में यह पहल डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह केंद्र शोध, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के माध्यम से साइबर कानून और सुरक्षा तंत्र को भी सुदृढ़ करेगा।





