सीएम उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस में ‘SEL समागम’, हर्ष जौहर की चार वर्ष की यात्रा पर शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के सीएम उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस में सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम (SEL) के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘SEL समागम’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य हर्ष जौहर की चार वर्षों की यात्रा, उसके प्रभाव तथा शिक्षण पद्धति में हुए सकारात्मक बदलावों को साझा करना रहा. समागम में लगभग 28 विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, सीआरपी और बीआरपी शामिल हुए और सभी ने मिलकर पिछले चार वर्षों में किए गए कार्यों तथा आगे की दिशा पर विचार-विमर्श किया.
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ SEL से जुड़ी गतिविधियों, उसके उद्देश्यों और स्कूलों में उसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई. शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, सहभागिता और आपसी समझ में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है. कई शिक्षकों ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि SEL गतिविधियों ने बच्चों के व्यवहार, संवाद क्षमता और टीमवर्क को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
बीपीएम की प्रिंसिपल रंजीता गांधी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि SEL से जुड़ी पहलों ने विद्यालय के वातावरण को अधिक सहयोगात्मक, सकारात्मक और संवादपरक बनाया है. इस तरह के मंच शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखने, अनुभव साझा करने और नई पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं.
कार्यक्रम में सीएम उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस की प्रतिनिधि रंजीता गांधी, कुमुद जी तथा हर्ष जौहर की टीम के सदस्य प्रीति मिश्रा, निशांत कुमार और अजीत मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे. सभी ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम के महत्व पर प्रकाश डाला और बच्चों के समग्र विकास में इसकी भूमिका को रेखांकित किया. इस दौरान बच्चों की भागीदारी और उनके अनुभवों पर भी चर्चा की गई.
समागम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एक साझा मंच प्रदान करना था, जहां वे पिछले चार वर्षों की यात्रा से मिली सीखों को समझते हुए भविष्य में भी विद्यालयों में सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य कर सकें. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों ने बच्चों के समग्र विकास के लिए ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया.







