गोविंदपुर जलापूर्ति योजना में भारी विसंगतियां, 2 दिनों से जलापूर्ति ठप: डॉ. परितोष सिंह

दिनांक: 21 मार्च 2026
स्थान: गोविंदपुर, जमशेदपुर
गोविंदपुर जलापूर्ति योजना में भारी विसंगतियां, 2 दिनों से जलापूर्ति ठप: डॉ. परितोष सिंह
बिजली ट्रांसफार्मर जलने से अगले 8 दिनों तक संकट की आशंका; पेयजल विभाग अक्षम है तो JUSCO को सौंपी जाए जिम्मेदारी: जिला परिषद सदस्य
जमशेदपुर/गोविंदपुर: गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के तहत पिछले 2 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने और अगले 8 दिनों तक बाधित रहने की सूचना पर जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विभाग की कार्यप्रणाली और योजना के निर्माण में रही विसंगतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
निर्माण में विसंगतियों का खामियाजा भुगत रही जनता:
डॉ. परितोष सिंह ने कहा कि गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के निर्माण के समय से ही इसमें कई तकनीकी विसंगतियां रही हैं, जिसका खामियाजा आज क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। पाइपलाइन बिछाने से लेकर पंपिंग स्टेशन के रखरखाव तक में लापरवाही बरती गई है। वर्तमान में बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पंपिंग का काम पूरी तरह बंद है, और विभागीय सुस्ती के कारण अगले एक सप्ताह तक सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
त्योहारों के समय जनता को अधर में छोड़ा:
डॉ. सिंह ने विभाग को चेताते हुए कहा, अभी पर्व-त्योहारों का समय है, जब घरों में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में 8 से 10 दिनों तक जलापूर्ति बाधित रखना विभाग की विफलता को दर्शाता है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग इस संकट को दूर करने में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है।
JUSCO को जिम्मेदारी सौंपने की मांग:
जिला परिषद सदस्य ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि यदि पेयजल विभाग इस योजना को सुचारू रूप से चलाने और तकनीकी समस्याओं को दूर करने में सक्षम नहीं है, तो जनहित में इस पूरी जलापूर्ति योजना की जिम्मेदारी JUSCO (जुस्को) को सौंप दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को नियमित और स्वच्छ पेयजल का अधिकार है, जिसे सरकारी विभाग की लापरवाही के कारण छीना नहीं जा सकता।
वैकल्पिक व्यवस्था और चेतावनी:
डॉ. परितोष सिंह ने प्रशासन से अविलंब प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुँचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था और मरम्मत कार्य में तेजी नहीं देखी गई, तो वे जिला परिषद के माध्यम से उच्चाधिकारियों तक इस विफलता की शिकायत करेंगे और जनता के साथ मिलकर आंदोलन का बिगुल फूकेंगे।

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