चाईबासा* झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थिति में एक हाथी की मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में वन विभाग ने हाथियों के बीच आपसी संघर्ष को मौत की वजह बताया है, लेकिन घटना ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृत हाथी का टूटा हुआ दांत मौके से गायब पाया गया।
आपसी वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह
वन विभाग के अनुसार झींकपानी थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा था। मंगलवार की देर रात सागरकाट्ठा और रोंमारा गांव के बीच दो नर हाथियों में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई। इस भिड़ंत में एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक संघर्ष के दौरान मृत हाथी का एक दांत टूट गया था, लेकिन जांच टीम को वह दांत घटनास्थल से नहीं मिला।
तस्करी या ग्रामीणों की संलिप्तता पर संदेह
हाथी के दांत के गायब होने को वन विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है।
चाईबासा वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) आदित्य नारायण अपनी विशेष टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।
टीम ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल तस्करी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभाग ने दांत चोरी की संभावना से इनकार नहीं किया है।
DFO ने बताया कि स्थानीय सूत्रों की मदद से जल्द ही दांत की बरामदगी और दोषियों की पहचान की जाएगी।
रेलवे ट्रैक पर भी हाथियों का उत्पात
इधर, क्षेत्र में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। मंगलवार की रात चाईबासा–डंगवापोसी रेलमार्ग पर झींकपानी के पास हाथियों का झुंड पटरियों पर आ गया, जिससे करीब एक घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।
वन कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए हाथियों को ट्रैक से सुरक्षित हटाया, जिसके बाद रेल परिचालन सामान्य हो सका।







