आरवीएस कॉलेज में 29-30 जनवरी को IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
जमशेदपुर : आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर में 29 एवं 30 जनवरी 2026 को छठा (IEEE) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का विषय “रिसर्च ट्रेंड्स इन कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी” रखा गया है।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में झारखंड राज्य के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नेपाल के पोखरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वेद राज दास, रजिस्ट्रार डॉ. अजय पांडे एवं कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद रहेंगे।
सम्मेलन में शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमुख शोध पत्रों में शामिल हैं—
फ्रेश एंड हार्ड प्रॉपर्टीज ऑफ डेंसली ब्लेंडेड सेल्फ-कंपैक्टिंग कंक्रीट – एनआईटी जमशेदपुर
क्लाउड कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन बाय एडवांस्ड प्रोसेस – आईआईटी जोधपुर
मशीन लर्निंग मॉडल सिक्योरिटी एवं प्राइवेसी प्रोटेक्शन – जेम्स कुक यूनिवर्सिटी, सिंगापुर
मॉडर्नाइजिंग लिगेसी बैंकिंग सिस्टम – हेरियट यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, यूएसए सहित अन्य विषय
आरवीएस एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बिनोद सिंह ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य छात्रों को झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत में तकनीकी क्षेत्र में पहचान दिलाना है। उन्होंने बताया कि अब तक आरवीएस कॉलेज झारखंड राज्य को 15 विश्वविद्यालय गोल्ड मेडलिस्ट छात्र दे चुका है।
ट्रस्ट के सचिव श्री भरत सिंह ने कहा कि विश्व स्तर पर तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के विकास एवं उसके प्रयोग पर ध्यान देना जरूरी है। यह सम्मेलन छात्रों को शोध एवं नवाचार के लिए बेहतर मंच प्रदान करेगा।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे छात्रों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंध मजबूत होंगे।
सम्मेलन के कन्वीनर प्रो. कृष्ण मुरारी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों से 900 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 200 शोध पत्रों का चयन प्रस्तुति के लिए किया गया है। अमेरिका, थाईलैंड, इंडोनेशिया एवं नेपाल के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
यह सम्मेलन कंप्यूटर साइंस एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई शोध संभावनाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।






