❇️ *राँची :मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाना श्रेष्ठ*
14 जनवरी को संक्रांति पर्व मनाने की परम्परा रही है. ज्योतिषों के अनुसार इस वर्ष 14 जनवरी को दोपहर 3:05 पर सूर्य धनु राशि छोड़कर के मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिससे मकर संक्रांति हो जाएगी. लेकिन इसका प्रभाव 15 को होगा क्योंकि सूर्य की संक्रांति यदि दोपहर या अपरान्ह में होती है तो उसका पर्व काल अगले दिन माना जाता है.
यही वजह है कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा. वहां शिप्रा में स्नान और दान पुण्य का महत्व भी इसी दिन का रहेगा.15 जनवरी संक्रांति पर्व पर तड़के 4 बजे भस्मारती के बाबा महाकाल को तिल के उबटन से स्नान कराया जाएगा. शक्कर से बने तिल के लड्डु ओर तिल्ली के पकवानों का महाभोग लगाकर जलाधारी में भी तिल्ली और पतंग अर्पित की जाएगी.
काशी और वाराणसी पंचांगों के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात्रि 9:19 बजे होने से 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर 1:19 बजे तक पुण्य काल रहेगा। इसी कारण दोनों दिन संक्रांति मनाना शास्त्र सम्मत है.15 जनवरी को संक्रांति मनाना श्रेष्ठ रहेगा.







