बारीगोड़ा फाटक हादसे के बाद रेलवे हरकत में, डीआरएम तरुण हुरिया ने लिया जायज
जमशेदपुर :
बारीगोड़ा रेलवे फाटक के पास बस से कुचलकर एक छात्रा की मौत के बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया मंगलवार को टाटानगर पहुंचे और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की।
डीआरएम ने मौके पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा मृत छात्रा के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
पत्रकारों से बातचीत में डीआरएम तरुण हुरिया ने बताया कि लेवल क्रॉसिंग संख्या 138, बारीगोड़ा फाटक पर प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण में देरी साझा फंडिंग व्यवस्था में आई बाधा के कारण हुई। प्रारंभिक योजना के तहत आरओबी की लागत का 50 प्रतिशत राज्य सरकार और 50 प्रतिशत रेलवे द्वारा वहन किया जाना था। राज्य सरकार के हिस्से में देरी होने पर रेलवे ने पूरी लागत स्वयं वहन करने का प्रस्ताव दिया, जिसे राज्य सरकार ने हाल ही में स्वीकृति प्रदान कर दी है।
हालांकि, राज्य सरकार ने पहले से स्वीकृत एलाइनमेंट पर आपत्ति जताते हुए नई एलाइनमेंट तैयार करने का निर्देश दिया है। डीआरएम ने बताया कि नई एलाइनमेंट के अनुरूप ड्राइंग तैयार की जा रही है और जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
डीआरएम ने भरोसा दिलाया कि रेलवे इस आरओबी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






