प. बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग कमर कस रहा है. वहीं, राजनीतिक दल भी तैयारी में जुटे हैं.

पश्चिम बंगाल में इस साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके लिए राजनीतिक दल कमर कस रहे हैं. वहीं, इससे पहले चुनाव आयोग राज्य में वोटर लिस्ट को सही करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) चला रहा है. यह प्रॉसेस अपने अंतिम चरण में हैं. कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस का 10 सदस्यीय दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी मिला.

ताजा जानकारी के मुताबिक राज्य के मुख्य चुनाव ऑफिसर (CEO) के अनुसार, चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बीच, 31 दिसंबर तक अलग-अलग राजनीतिक दलों ने योग्य वोटर्स को ‘शामिल करने’ के लिए आठ क्लेम और ऑब्जेक्शन जमा किए हैं. बता दें, यह बदलाव ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जुड़ा है, जिसमें अभी 7,08,16,630 वोटर लिस्ट में हैं. राज्य के मुख्य चुनाव ऑफिसर के कार्यालय ने जानकारी दी कि राजनीतिक पार्टियों से क्लेम और ऑब्जेक्शन का समय 17 दिसंबर से 31 दिसंबर, 2025 तक तय किया गया था. बयान में कहा गया है कि राजनीतिक दलों ने ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के संबंध में अपने दावे और आपत्तियां पेश की हैं.

अभी तक जमा किए गए दावों में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक; भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने दो; अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने तीन; बहुजन समाज पार्टी ने एक और अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक ने एक दावा किया है. वहीं, देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने एक भी दावा नहीं किया है. राज्य के मुख्य चुनाव ऑफिसर (CEO) की तरफ से वोटर्स से सीधे मिले दावों और आपत्तियों पर भी जोर दिया गया.

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