द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वूमेन, जमशेदपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन अंतिम दिन सेमिनार हॉल में किया. जिसके मुख्य अतिथि डॉ रवि भूषण

प्रेस विज्ञप्ति

द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वूमेन, जमशेदपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन अंतिम दिन सेमिनार हॉल में किया. जिसके मुख्य अतिथि डॉ रवि भूष सहायक प्राध्यापक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर NIT जमशेदपुर के थे. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्या एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ वीणा सिंह प्रियदर्शी ने पौधा,शॉल एवं उपहार द्वारा मुख्य अतिथि डॉ रवि भूषण का स्वागत किया. कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापिका डॉ वनश्री थी.

प्रथम सत्र में शीर्षक “पवन ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास” पर मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि पवन ऊर्जा सतत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण और स्वच्छ स्रोत है क्योंकि यह ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन किए बिना बिजली पैदा करती है भारत सरकार नीतियों और निजी क्षेत्र के निवेश के माध्यम से इसे बढ़ावा दे रही है जो सामाजिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है. प्रथम सत्र सत्र के दूसरे वक्ता के रूप में पोस्ट डायरेक्टरोल ह्यूमैनिटी एंड सोशल साइंस,IIT गुवाहाटी, डॉ अविनाश रंजन ने ऑनलाइन मोड में कहा कि भू- राजनीतिक विरोधाभास सामाजिक -आर्थिक अवरोधों और कोयला खनन के पारिस्थितिक बोझ के बीच भारत की नेट जीरो की महत्वाकांक्षाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की. प्रथम सत्र का मंच संचालन डॉक्टर अर्चना सिंहा ने किया

 

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में मुख्य वैज्ञानिक,NML, जमशेदपुर के डॉ संजय कुमार ने शीर्षक अस्थाई ऊर्जा के लिए प्रमुख सामग्री की आवश्यकता है एवं चुनौतियां विषय पर चर्चा की उन्होंने कहा कि स्थाई ऊर्जा के विभिन्न पहलुओं में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता और उसके संरक्षण के बारे में बताया. तथा महत्वपूर्ण धातुओं की पुनर्चक्रण के बारे में बताया कि बेकार हो चुके उत्पादन ( ई कचरा, बैटरी, उत्प्रेरक से आवश्यक और दुर्लभ धातुओं जैसे –लिथियम, कोबाल्ट ,दुर्लभ पृथ्वी धातुओं को पुनः प्राप्त किया जाता है कार्यक्रम के रिपोर्टर के रूप में डॉक्टर श्वेता शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर सुशीला हसदा ने किया

 

इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो प्रतिमा सिंहा, आयोजन सचिव डॉ सुशीला हंसदा , कोऑर्डिनेटर डॉ बनश्री, डॉ अनुराधा वर्मा, प्रो फरजाना नईम , डॉ सुनीता बांकिरा ,डॉ संगीता , डॉ अरुंधति दे, . डॉ अनामिका, प्रकाश, माधवी, मुकेश, किरण, सुभाश्री सेन, उमेश सिंह मो उमर का महत्वपूर्ण योगदान रहा कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालय के प्रोफेसर सहायक प्रोफेसर एवं बहुत संख्या में उपस्थित थे।

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