अधूरी पड़ी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना : पांच साल से लटक रहा निर्माण, 20 हजार की आबादी परेशान

अधूरी पड़ी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना : पांच साल से लटक रहा निर्माण, 20 हजार की आबादी परेशा

 

पूर्वी सिंहभूम। पोटका विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत बाकीशोल व केंदुआ पंचायत के लगभग 20 गांवों को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना पिछले पांच वर्षों से अधूरी पड़ी है। वर्ष 2017–18 में शुरू हुई यह सड़क योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़कर अधर में लटक गई है, जिसकी मार सीधा ग्रामीणों पर पड़ रही है।

 

करीब 18 किमी लंबी यह सड़क करोड़ों रुपये की लागत से बननी थी, लेकिन आधा-अधूरा निर्माण होने के कारण सड़क आज पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों और उखड़े हुए हिस्सों से होकर गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं। गांवों के हजारों लोग रोजमर्रा की जरूरतों, बाजार, स्कूल और अस्पताल जाने के लिए इसी जर्जर सड़क पर निर्भर हैं।

 

जंगल ब्लॉक, सारुदा, बाकीशोल, ऊपरबाकी, गमीरा कोचा, धरणडीह, डीबीडीह, कुंडा लुका समेत करीब 20 गांवों की 20 हजार से अधिक आबादी इसका खामियाजा भुगत रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और बदतर हो जाती है, कई बार लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

 

इस संबंध में ग्रामीण वीर सिंह देवगन और भाजपा नेता लव सरदार ने जिले के उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अधूरी पड़ी सड़क के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि योजना शुरू होते समय उन्हें बेहतर सड़क का सपना दिखाया गया था, लेकिन आज भी वे उसी खस्ताहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा और सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता देगा।

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