झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने मौजूदा हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली को आदिवासी विरोधी करार दिया।
चंपाई सोरेन ने कहा कि जो सरकार खुद को आदिवासियों की सरकार बताती है, वही आज आदिवासियों पर लाठी बरसा रही है। उन्होंने कहा कि पहले भोगनाडीह में लाठीचार्ज हुआ, फिर रांची सरना स्थल, उसके बाद नगड़ी रिम्स-2 मामले में आदिवासियों पर लाठियां चलीं, और अब चाईबासा में परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के निर्देश पर निवेदन करने गई आदिवासी भीड़ पर लाठीचार्ज कराया गया।
उन्होंने यह कैसी आदिवासी सरकार है, जो आदिवासियों का दर्द नहीं समझती। यह सरकार अंधी और बहरी हो गई है। अब आदिवासी ही इसे सबक सिखाएंगे। चंपाई सोरेन के इस बयान के बाद झारखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
चंपाई सोरेन का हेमंत सरकार पर तीखा हमला — “यह कैसी आदिवासी सरकार है जो आदिवासियों पर लाठी चलवा रही है”
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली को आदिवासी विरोधी करार देते हुए कहा कि “जो सरकार खुद को आदिवासियों की सरकार बताती है, वही आज आदिवासियों पर लाठी बरसा रही है।”
चंपाई सोरेन ने कहा कि “पहले भोगनाडीह में लाठीचार्ज हुआ, फिर रांची सरना स्थल पर, उसके बाद नगड़ी रिम्स-2 मामले में आदिवासियों पर लाठियां चलीं, और अब चाईबासा में परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के निर्देश पर निवेदन करने गई आदिवासी भीड़ पर लाठीचार्ज कराया गया।”
उन्होंने सवाल उठाया —
> “यह कैसी आदिवासी सरकार है, जो आदिवासियों का दर्द नहीं समझती? यह सरकार अंधी और बहरी हो गई है। अब आदिवासी ही इसे सबक सिखाएंगे।”
चंपाई सोरेन के इस बयान के बाद झारखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान राज्य की मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना सकता है।




