कल हरतालिका तीज है। जमशेदपुर के विभिन्न समाजों की महिलाएं शिवजी और माता पार्वती की पूजा अर्चना करेगी साथ ही अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। हरतालिका तीज की कथा के अनुसार माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। महिलाएं इस पर्व से न केवल पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी सजीव रखती है।
तीज के समान की खरीदारी के लिए महिलाएं बाजार में उमड़ पड़ी है। बाजार पूरी तरह हरतालिका में रंग चुका है। महिलाएं पारंपरिक परिधान और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी में व्यस्त है। खासकर हरे रंग की साड़ियां, चूड़ियां और मेहंदी की मांग सबसे ज्यादा है।
दूसरी ओर 27 अगस्त को श्री गणेश पूजा है। पूरा बाजार फल फूल की खरीदारी करने में जुटा है। वहीं विभिन्न प्रकार की आकर्षक मूर्तियां बाजारों में बिक रही है। जो 500 से लेकर₹10,000 तक की है।
मूर्तिकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस वर्षा के कारण मूर्तियां पूरी तरह सुख नहीं रही है। उसे गैस की आग द्वारा सुखाया जा रहा है।
वहीं मराठी ढंग की मूर्तियों का ज्यादा डिमांड है। सर पर पगड़ी और आकर्षक रेशमी कपड़ा गणेश जी की प्रतिमा को बेहद ही आकर्षक बना रहा है।
विक्रेता किशन कुमार वर्मा और गोपाल डे का कहना है कि अब लोग चंदा करके पूरे उत्साह के साथ गली-गली अब पूजा नहीं करते हैं, अपितु छोटी मूर्तियां गणपति बाबा की खरीदते हैं और घर में ही पूजा करते हैं।
सबसे ज्यादा मांग डेढ़ फीट से 2 फीट की गणेश प्रतिमा की है। 500, 800,1500,1800,2200 की मूर्तियां ज्यादा बिक रही है। बाजार पूरी तरह से भीड़ के कारण जाम हो गया है और यह भीड़ बढ़ती जा रही है।
साकची, कदमा, सोनारी, मानगो में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है।
बाइट – मूर्ति विक्रेता किशन कुमार और गोपाल से बातचीत।






