टाटा के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक शंकर कुमार झा को बड़ी जिम्मेदारी, बने सहायक वाणिज्य प्रबंधक
जमशेदपुर:टाटा के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक शंकर कुमार झा को बड़ी जिम्मेदारी, बने सहायक वाणिज्य प्रबंधक जमशेदपुर। टाटानगर स्टेशन के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (CCI) शंकर कुमार झा ने अपने कड़े परिश्रम और समर्पण से एक और उपलब्धि हासिल की है। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन द्वारा आयोजित विभागीय प्रमोशन परीक्षा (DPC) में सफलता प्राप्त कर उन्होंने सहायक वाणिज्य प्रबंधक (ACM) पद पर पदोन्नति प्राप्त की है।
गुरुवार को दक्षिण पूर्व जोन की ओर से परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। इस परिणाम में शंकर कुमार झा समेत पांच रेलकर्मी सफल घोषित किए गए। इसके बाद विभागीय साक्षात्कार में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर उनका चयन एसीएम पद के लिए किया गया। शंकर झा के अलावे चक्रधरपुर रेल डिवीजन के राउलकेला के सी टी आई जगन्नाथ हेम्ब्रम, चक्रधरपुर के सीसीआई तपन कुमार मंडल,सिनी के कामर्शियल इन्सटेक्टर आकाश मूखी,आद्रा रेल डिवीजन के सीसीआई अभिजीत विश्वास और हटिया के सीसीआई हिमाशू शेखर ने भी इस परीक्षा को पास की है ।
जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा का आयोजन बीते 4 जून को रांची में किया गया था। इसमें चक्रधरपुर, रांची, आद्रा और खड़गपुर मंडल से बड़ी संख्या में रेलकर्मी शामिल हुए थे। प्रतिस्पर्धा कड़ी होने के बावजूद शंकर झा ने अपनी मेहनत और अनुभव के दम पर यह सफलता हासिल की।
शंकर कुमार झा की पदोन्नति से न केवल टाटानगर स्टेशन का गौरव बढ़ा है, बल्कि पूरे चक्रधरपुर मंडल के लिए यह प्रेरणादायक उपलब्धि साबित हुई है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी टाटानगर स्टेशन से दो मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इसी विभागीय परीक्षा के माध्यम से एसीएम बन चुके हैं। शंकर झा के चयन से यह तीसरा मौका है जब टाटानगर के किसी सीसीआई ने एसीएम का पद हासिल किया है।
रेलवे अधिकारियों और सहकर्मियों ने शंकर झा को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य अनुभव, समर्पण और व्यावसायिक दक्षता उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है। उम्मीद जताई जा रही है कि नई जिम्मेदारी में वे बेहतर काम कर रेलवे के राजस्व और यात्री सेवाओं में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
स्थानीय रेलवे कर्मचारियों और संगठनों ने भी शंकर झा की सफलता पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि विभागीय प्रमोशन परीक्षा में चयनित होकर एसीएम जैसे जिम्मेदार पद पर पहुंचना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे मंडल की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाने वाला है।






