रामदास सोरेन संथाल समुदाय के बेहद खास माने जाते थे. समुदाय के लोग अक्सर अपनी समस्याएं को लेकर उनके पास आते थे.

जमशेदपुर : झारखंड में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन अप्पोलो हॉस्पिटल हो गया. वो जनता से जुड़े नेता था. उनकी पहचान गरीब, जरूरतमंदों के मसीहा के रूप में थी. शुक्रवार को दिल्ली में उनका निधन हो गया.
रामदास सोरेन आदिवासी समाज के संथाल समुदाय से आते हैं और संथाल समुदाय में सबसे बड़ा महत्व होता है ‘रूडी प्रथा’ का. जिसमें गांव के एक विशेष व्यक्ति को माझी बाबा (ग्राम प्रधान) बनाया जाता है, जो संथाल समुदाय के पारंपरिक विधि व्यवस्था पर चलती है. जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी जगह पर माझी बाबा (ग्राम प्रधान) की जरूरत पड़ती है. जैसे गांव में आपसी विवाद, पति-पत्नी के बीच का विवाद या किसी भी तरह की समस्या का समाधान माझी बाबा ही करते हैंं. इतना ही नहीं शादी, बच्चों के नामकरण में भी माझी बाबा की जरूरत पड़ती है. इसलिए गांव के लोग माझी बाबा को ही अपने अभिवावक के रूप में मानते हैं.

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