मांडर : प्रखंड क्षेत्र में बालू और गिट्टी माफिया की सक्रियता प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। बेखौफ होकर ये माफिया दिनदहाड़े बालू और गिट्टी की कालाबाजारी कर रहे हैं।
मामले की जांच और कार्रवाई
हालांकि, प्रशासन ने कभी-कभार कार्रवाई के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। गोड्डा जिले में अवैध बालू खनन पर रोक नहीं लग पा रही है, और सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बालू माफिया के हौसले बुलंद
भरनो प्रखंड में बालू माफिया सक्रिय हैं और दिनदहाड़े बालू की तस्करी कर रहे हैं। नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। खूंटी में भी नदी घाटों से अवैध रूप से बालू का उठाव जारी है, और एनजीटी की रोक के बावजूद माफिया बेखौफ हैं।
जिम्मेदार कौन?
प्रशासन की मिलीभगत से ही ये माफिया इतने बेखौफ होकर काम कर पा रहे हैं। कई जगहों पर तो प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन माफियाओं पर लगाम कसने के लिए क्या कदम उठाता है।






