कारोबारी रवि अग्रवाल ने ही अपनी पत्नी ज्योति अग्रवाल की हत्या करवाई थी. इसका खुलासा आज ने पुलिस ने कर दिया. पुलिस ने रवि अग्रवाल समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार रवि ने इसके पूर्व भी कई बार पत्नी की हत्या की साजिश रच चुका है, पर वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया था. जनवरी माह में उसने पत्नी की हत्या के लिए 8 लाख रुपये की सुपारी दी थी. बिष्टुपुर के एक रेस्टोरेंट के बाहर पत्नी की हत्या करनी थी लेकिन वह प्लान फेल हो गया था.
2 साल से बना रहा है हत्या की योजना
रवि ने पुलिस को बताया कि वह 2 साल पूर्व से ही ज्योति की हत्या का प्लान बना रहा था. एक बार दोनों गैंगटॉक घूमने गए थे जहां ज्योति का गला दबाकर भी हत्या करने का प्रयास किया था. लेकिन सफल नहीं हो पाया इसके बाद बीते 2 माह से वह फिर से ज्योति की हत्या का प्लान बनाने लगा. उसने शूटर को 16 लाख रुपये दिए और हत्या का दिन, समय और जगह तय किया था. ज्योति अग्रवाल उर्फ स्वीटी को रास्ते से हटाने की योजना पहले से ही पति रवि अग्रवाल ने बनाई थी. योजना के आधार पर ही वे पत्नी और बेटी के साथ मिनी पंजाब होटल में खाना खाने के लिए गए हुए थे. खाना खाकर लौटते समय प्लान-वे में चांडिल के कांदरबेड़ा में रवि अग्रवाल ने उल्टी का बहाना बनाकर कार खड़ी की थी. इसके बाद बाइक सवार शूटर वहाँ पहुंच गए और प्लान-वे में रवि अग्रवाल की बजाए ज्योति अग्रवाल को गोली मारी.
रवि अग्रवाल अपनी प्लान के मुताबिक चैंबर ऑफ कामर्स को घटना की जानकारी देते हैं और मामले को दूसरे तरफ मोड़ने के लिए अपनी नई कहानी बताते हैं. इसके बाद सिंहभूम चैंबर ऑफ कामर्स उसी के आधार पर पुलिस पर दबाव बनाती है. फिरौती का मामला बनाकर सीतारामडेरा थानेदार को बलि का बकरा बनाया जाता है. जबकि मामला कुछ और था.






