स्वदेशी दिवस पर स्वदेशी आंदोलन के प्रथम बलिदानी शहीद बाबू गेनू जी के पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण कर रक्तदान शिविर का आयोजन

सर्वप्रथम सभी प्रमुख स्वदेशी कार्यकर्ताओं ने शहीद बाबू गेनू जी को पुष्प अर्पित किया। मंच के अखिल भारतीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख श्री बन्दे शंकर सिंह जी ने कहा कि देश जब गुलाम था और महात्मा गांधी जी ने स्वदेशी आंदोलन की शुरुवात की थी उस समय इस महान शख्शियत का जन्म भी नही हुआ था।1908 में बाबू गेनू जी का जन्म हुआ और वे युवा अवस्था में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। महज 22 वर्ष की उम्र में जब वे एक कपड़े के मिल में कार्यरत थे ,तो अंग्रेजो द्वारा विदेशी कपड़ों के जत्थे को रोकने के लिए ट्रक के सामने लेट गए। तब उस समय के अंग्रेज़ी सार्जेंट ने उनके ऊपर से ट्रक चला दिया और वे स्वदेशी आंदोलन के लिए शहीद हो गये। स्वदेशी जागरण मंच पूरे देश मे उनकी पुण्यतिथि को स्वदेशी दिवस के रूप में मनाता है।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के प्रांत टोली के अभिमन्यु सिंह और अमरेंद्र सिंह एवं स्वच्छता पुकारे के संस्थापक अमर सिंह जी ने भी रंतदान किया। मंच के प्रमुख रूप से मंच के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्वी भारत के चेयरमैन मनोज सिंह, सी बी एम डी की उत्तर पूर्व छेत्र की संयोजक मंजू ठाकुर, प्रान्त के विचार विभाग के प्रमुख जटा शंकर पांडेय, प्रचार विभाग के प्रमुख अमित मिश्रा, महिला विभाग की प्रमुख मधुलिका मेहता,सोशल मीडिया प्रमुख के पी चौधरी, ज़िला संयोजिका राजपति देवी, विकास सहिनी, मुकेश ठाकुर, लोकनाथ साहू, रामानंद लाल, अनिता सिंह, अमर सिंह, अभिषेक बजाज, सुनील गुप्ता, संजीत प्रामाणिक, संजीत सिंह, देव कुमार, राजा राम,मुकेश भदानी, वंदना साहू, रवि शंकर मिश्र, अभय सिंह, सुरेंद्र सिंह, अशोक सिंह, किरणजीत कौर, राकेश पांडे, लक्ष्मी सिंह, विनोद सिंह, अजय सिंह के अलावा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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