लखनऊ: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। लेकिन इनमें इंडिया गठबंधन काम नहीं कर रहा है। इन चुनावों के नतीजे गठबंधन के भविष्य की भूमिका जरूर तय कर सकते हैं। लाभ हानि के गणित को देखते हुए यह गठबंधन परवान चढ़ सकता है।
राजनीतिक जानकर बताते हैं कि कांग्रेस का पांच चुनावी राज्यों में जैसा प्रदर्शन होगा, उसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गठबंधन की सीटें तय होंगी। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में थी। किंतु कांग्रेस ने यहां पर उन्हें एक भी सीट नहीं दी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सपा से बेरुखी का असर भी कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहती थी, किंतु कांग्रेस ने उसे यहां एक भी सीट नहीं दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने यहां 69 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
जानकार बताते हैं कि मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पसीना बहा रहे हैं। उनकी पत्नी डिंपल यादव भी मैदान में उतर गई हैं। इसके साथ ही अखिलेश जातीय जनगणना से लेकर आरक्षण मुद्दे पर भाजपा के साथ कांग्रेस को दोषी बता रही है। हालांकि कांग्रेस की तरफ से अभी सपा के खिलाफ कोई बयान नहीं आया है। इतना ही नहीं राजस्थान में भी सपा पांच सीटों पर कांग्रेस को चुनौती दे रही है। यहां पर रालोद को कांग्रेस ने महज एक सीट ही दी है।






