तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए बयान से विवाद की आँच उत्तर भारत तक पहुँच गई है.
दरअसल, बीते शुक्रवार यानी एक सितंबर को मार्क्सवादी पार्टी से जुड़ा संगठन तमिलनाडु प्रगतिशील लेखक और कलाकार संघ की ओर से चेन्नई के कामराजार एरिना में सनातन उन्मूलन सम्मेलन का आयोजन किया गया था.
इसमें भाग लेते हुए उदयनिधि स्टालिन ने भारतीय मुक्ति संग्राम में आरएसएस का योगदान शीर्षक से व्यंग्यचित्रों वाली एक पुस्तक का विमोचन किया. उन्होंने सनातन धर्म और बीजेपी को लेकर भी भाषण दिया था.
उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में कहा था, “इस सम्मेलन का शीर्षक बहुत अच्छा है. आपने ‘सनातन विरोधी सम्मेलन’ के बजाय ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ का आयोजन किया है. इसके लिए मेरी बधाई. हमें कुछ चीज़ों को ख़त्म करना होगा.”





