बांग्लादेश अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए सक्रिय नज़र आ रहा है तो नेपाल भी पीछे नहीं है.
द हिन्दू की रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल ने भी अपना अभियान तेज़ किया है.
हाल ही में एसईएआरओ सदस्यों के राजदूतों की एक बैठक काठमांडू में की गई थी.
राजनयिक सूत्रों के हवाले से द हिन्दू ने लिखा है कि इस बैठक में अचार्य ने एक प्रेजेंटेशन दी और स्वास्थ्य अधिकारी के तौर पर उनके करियर को देखते हुए समर्थन की अपील की.
आचार्य बीते 24 सालों से जेनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में सेवा दे रहे हैं.
माना जा रहा है कि नेपाल सरकार भी इस चुनाव को लेकर सक्रिय है और संयुक्त राष्ट्र में समर्थन की उम्मीद कर रही है.






