नई दिल्ली: मणिपुर में हिंसा का मुद्दा मंगलवार को भी राज्यसभा में छाया रहा। राज्यसभा के कुल 50 सांसदों ने नियम 267 के तहत सदन में चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि 2 महीने से अधिक समय से मणिपुर में हिंसा जारी है। कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने सभापति से कहा कि ये सभी नोटिस आज के लिए दिए गए हैं। ऐसे में सदन को मणिपुर हिंसा पर नियम 267 के तहत चर्चा करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से नेता सदन पियूष गोयल ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर चर्चा कराने की बात कही। सरकार द्वारा राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर चर्चा कराने की बात पर विपक्ष ने हैरानी जाहिर की। राज्यसभा सांसद मनोज झा कहा कि मणिपुर में बीते 2 महीने से हिंसा और नरसंहार हो रहा है। उन्होंने आश्चर्य प्रकट करते हुए ऐसे में मणिपुर के साथ राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ की तुलना कैसे की जा सकती है। झा ने कहा हम मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग कर रहे हैं क्योंकि वहां नरसंहार हो रहा है लेकिन राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कोई नरसंहार की स्थिति नहीं है। ऐसे में मणिपुर की तुलना इन राज्यों से करना गलत है।






