रतन टाटा की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
सादगी के प्रतीक,भारत के महान उद्योगपति पद्म विभूषण,मानवता के पक्षधर रतन टाटा की द्वितीय पुण्यतिथि (9 अक्टूबर 2026) पर उन्हें नमन करते हुए श्री राममंदिर समिति टेल्को द्वारा स्मृति संध्या पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।
उपस्थित अध्यक्ष मानस मिश्रा ने उनको याद करते हुए कहा कि रतन टाटा केवल एक उद्योगपति नहीं, बल्कि मानवता, सादगी और अटूट मूल्यों की एक सजीव संस्था थे।
उन्होंने उद्योग जगत में सफलता को हमेशा राष्ट्र निर्माण और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ा।
उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा समाज की भलाई और परोपकार के लिए समर्पित रहा।
रतन टाटा ने कहा था -“यदि आप तेज़ चलना चाहते हैं, तो अकेले चलिए,लेकिन यदि आप दूर तक जाना चाहते हैं, तो सबको साथ लेकर चलिए।”
आज उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर श्री राममंदिर समिति,टेल्को के सभी सदस्यों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
महामंत्री चंद्रभान सिंह ने कहा कि रतन टाटा ने कभी बड़े-बड़े भाषणों से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से लोगों का दिल जीता। यही वजह है कि आज भी उनके जाने के बाद वे हर भारतीय के दिल में जीवित हैं।
उपस्थित सभी सदस्यों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इस स्मृति सभा में मुख्य रूप से राममंदिर समिति के अध्यक्ष मानस मिश्रा, महामंत्री चंद्रभान सिंह,कृष्ण कुमार मिश्रा,बबन पाण्डेय,नरेंद्र कुमार सिंह(हैप्पी),कामेश्वर सिंह,नंदलाल सिंह,देवेश वर्मा,पी पी सिंह,अरूण कुमार सिंह,जीवानंद मिश्रा,दीपक कुमार सिंह,जय शंकर दूबे,सुरेश दूबे,जितेंद्र उपाध्याय,राकेश कुमार सिंह,विजय कुमार सिंह,राजेश कुमार सिंह,अभय पाण्डेय, मनंजय पाण्डेय,रमेश दूबे,सुधीर कुमार सिंह,भीम तिवारी,अनूप सिंह इत्यादि लोग उपस्थित थे।






