नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि एवं किसानों की मांगों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन का एक दिवसीय सांकेतिक अनशन सम्पन्न

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक : 27 जुलाई 2026
स्थान : बिरसा चौक, साकची, जमशेदपुर

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज साकची स्थित बिरसा चौक, जमशेदपुर में किसानों की विभिन्न मांगों, नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं की स्मृति में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल (अनशन) का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान एवं किसान आंदोलन के वरिष्ठ नेता सरदार भगवान सिंह ने किया। इस अवसर पर महासचिव सरदार गुरचरण सिंह बिल्ला, पूर्व प्रधान सरदार इंदर सिंह इंदौर, सरदार सुखवंत सिंह, सरदार जसवंत सिंह सहित अनेक किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रातः 9 बजे कार्यक्रम की शुरुआत जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में दिवंगत छात्र-छात्राओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक एकता, लोकतांत्रिक संघर्ष और उसके संकल्प को सलाम करते हुए आंदोलन की सफलता पर छात्रों को बधाई दी।

इसके उपरांत गुरमीत सिंह गिल, अवतार सिंह सिद्धू, इंद्रपाल सिंह एवं हरभजन सिंह एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे।

अनशन की प्रमुख मांगें

जंतर-मंतर में छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस दमन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह इस्तीफा दें।

छात्र आंदोलन में मृत छात्र-छात्राओं के प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को केंद्र सरकार में नौकरी दी जाए।

नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा छात्रों को न्याय मिले।

स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।

देश के किसानों एवं मजदूरों की पूर्ण ऋणमाफी की जाए।

कृषि एवं डेयरी क्षेत्र को प्रभावित करने वाले भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को वापस लिया जाए अथवा उस पर रोक लगाई जाए।

कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सभी व्यापारिक समझौतों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा निर्णय लेने से पूर्व किसानों सहित सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

मनरेगा के अंतर्गत रोजगार के दिनों तथा मजदूरी में वृद्धि की जाए।

अपराह्न लगभग 3 बजे ट्यूला डूंगरी, बिष्टुपुर एवं नामदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान सरदार सतवीर सिंह, सरदार दलजीत सिंह, सरदार प्रकाश सिंह तथा उपाध्यक्ष सरदार हरदयाल सिंह अपने-अपने गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के पदाधिकारियों के साथ अनशन स्थल पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी समर्थन दिया।

अनशन का समापन

अनशन का समापन सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह ने कराया।

इस अवसर पर झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य एवं बीस सूत्री सदस्य श्री मोहन कर्मकार, राजू गिरी (उपाध्यक्ष, गो रक्षा आयोग), किसान आंदोलन के युवा नेता महावीर मुर्मू, पूर्व जिला सचिव लालटू महतो, मनोज कुमार यादव, शौकत हुसैन, पूर्व महिला अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह, जी.के. बोस, स्वपन राय (झारखंड आंदोलनकारी) तथा साकची गुरुद्वारा स्त्री सत्संग जत्था की प्रधान श्रीमती कमलजीत कौर अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित होकर आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

झारखंड कौमी एकता मंच की ओर से प्रो. असलम मलिक, मैडम ब्रेरना कांडुलना एवं श्रीमती अनिमा बोस ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर किसानों और छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष का समर्थन किया। इसके अतिरिक्त सिख सेवा दल, सिख नौजवान सभा, नागरिक सुरक्षा संघर्ष समिति सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।

कार्यक्रम का संचालन मानगो गुरुद्वारा के सचिव सरदार जसवंत सिंह ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में त्रिलोचन सिंह कोची, बलविंदर सिंह काले, भूपेंद्र सिंह, मनिंदर सिंह, संदीप शर्मा, गुरदीप सिंह संधू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़े नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अंत में वक्ताओं ने कहा कि किसानों और छात्रों के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है। जब तक किसानों की जायज़ मांगें पूरी नहीं होतीं और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रेषक —
गुरमीत सिंह गिल
समन्वयक, भारतीय किसान यूनियन, पूर्वी सिंहभूम।

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