जमशेदपुर डेयरी में ठेका कर्मी की संदिग्ध मौत पर बवाल, हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन

जमशेदपुर डेयरी में ठेका कर्मी की संदिग्ध मौत पर बवाल, हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन जाम

जमशेदपुर: जमशेदपुर डेयरी के ठेका कर्मी रविंद्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद बुधवार को डेयरी परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। मृतक के परिजनों, समर्थकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डेयरी के मुख्य प्रवेश द्वार को जाम कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी संतोष तिवारी और रश्मि भेंगरा ने बताया कि रविंद्र नाथ ठाकुर पिछले लगभग 30 वर्षों से जमशेदपुर डेयरी में ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत थे। उनका आरोप है कि ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बावजूद डेयरी प्रबंधन ने उन्हें तत्काल किसी सक्षम अस्पताल में भर्ती कराने या उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय बेसुध अवस्था में घर भेज दिया। परिजनों ने बाद में उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जांच के दौरान मृतक के शरीर में विषैले पदार्थ की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। इसी आधार पर उन्होंने मौत को संदिग्ध बताते हुए इसे हत्या का मामला करार दिया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

प्रदर्शनकारियों ने डेयरी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर उचित इलाज की व्यवस्था की जाती तो संभवतः रविंद्र नाथ ठाकुर की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि प्रबंधन की उदासीनता और लापरवाही के कारण एक परिवार का सहारा छिन गया।

धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें मृतक की मौत के मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करना, दोषियों की गिरफ्तारी, मृतक के आश्रित को स्थायी नौकरी, उनकी पत्नी को 25 लाख रुपये का मुआवजा तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच प्रमुख रूप से शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक डेयरी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना और जाम जारी रहेगा। इस आंदोलन के कारण डेयरी परिसर में आवागमन प्रभावित रहा और मौके पर स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया।

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