शैक्षणिक गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और छात्रहित के लिए अभिभावकों ने सौंपा ज्ञापन स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कई गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

शैक्षणिक गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और छात्रहित के लिए अभिभावकों ने सौंपा ज्ञापन
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कई गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

संवाददाता, लोकजन संदेश

तिजारा, 23 जून। शहर के एक निजी विद्यालय को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को अभिभावकों ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विद्यालय प्रबंधन पर शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट, अनुभवी शिक्षकों की कमी, संसाधनों के दुरुपयोग और मनमानी शुल्क वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति लगातार गिर रही है। कक्षाओं में शिक्षकों की कमी है और जो शिक्षक हैं भी, वे अक्सर अनुपस्थित रहते हैं या अनुभवहीन हैं। इसके अलावा विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं जैसे पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल सामग्री और स्वच्छ शौचालयों का अभाव है।

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों से भारी-भरकम शुल्क लिया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं और शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विद्यालय प्रबंधन पारदर्शिता नहीं बरतता और अभिभावकों की शिकायतों को नजरअंदाज कर देता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से उचित जांच कर त्वरित कार्रवाई करने और बच्चों के हितों की रक्षा करने की अपील की है।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच हो।
अनुपस्थित व अयोग्य शिक्षकों पर कार्रवाई की जाए।
मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाई जाए।
बच्चों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अभिभावकों का कहना

“हम अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूल पर भरोसा करते हैं, लेकिन यहां सिर्फ फीस की कमाई की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं की कोई परवाह नहीं की जा रही। प्रशासन से उम्मीद है कि वह हमारी आवाज सुनेगा और बच्चों को न्याय दिलाएगा।”

— अभिभावक प्रतिनिधि

निष्कर्ष

प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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