फर्जी ‘प्रेस’ वाहनों पर होगी कार्रवाई, प्रेस क्लब ने उपायुक्त से की शिकायत
जमशेदपुर : शहर में तेजी से बढ़ रहे फर्जी पत्रकारों और अवैध रूप से “प्रेस” लिखे वाहनों के इस्तेमाल को लेकर प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने गंभीर चिंता जताई है। इस मुद्दे को लेकर प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिला और पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हाल के दिनों में कई ऐसे लोग “प्रेस” लिखे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनका पत्रकारिता से कोई संबंध नहीं है। ऐसे लोग खुद को पत्रकार बताकर प्रशासनिक अधिकारियों पर धौंस जमाने के साथ-साथ वैध और अवैध धंधों को संरक्षण देने तथा भयादोहन जैसे कार्यों में भी संलिप्त हैं। इससे न केवल वास्तविक पत्रकारों की छवि प्रभावित हो रही है बल्कि पत्रकारिता की गरिमा भी धूमिल हो रही है।
प्रेस क्लब ने कहा कि फर्जी पत्रकारों की वजह से आम जनता भी परेशान हो रही है। कई मामलों में लोग प्रेस का नाम लेकर अनुचित लाभ उठाने का प्रयास करते हैं, जिससे प्रशासन और मीडिया दोनों की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने प्रेस क्लब की मांग को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जिला प्रशासन वास्तविक पत्रकारों और फर्जी तरीके से प्रेस का इस्तेमाल करने वालों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करेगा। उन्होंने प्रेस क्लब से जिले के कार्यशील और मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि उसके आधार पर जांच की जा सके।
उपायुक्त ने तत्काल जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि “प्रेस” लिखे वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाकर सत्यापन किया जाए। जिन वाहनों का मीडिया संस्थानों से कोई संबंध नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रेस के नाम पर भयादोहन या अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को चिन्हित कर दंडित करने की बात भी कही गई।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि जिले के सभी मीडिया संस्थान अपने सक्रिय पत्रकारों और कर्मचारियों की सूची प्रेस क्लब के माध्यम से प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने उपायुक्त के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इस पहल से पत्रकारिता की साख मजबूत होगी और फर्जी पत्रकारों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।






